केवल इच्छा करने से कार्य सिद्ध नही होते ,कार्य उघम के द्वारा ही सिद्ध होते है जिस प्रकार सोते हुए सिंह के मुख मे हिरण स्वयं प्रविष्ट नही होता है | (सिंह को भी शिकार करने के लिए प्रयत्न करना होता है| )

 

मित्रों ,प्रशासनिक सेवाओं में सफलता कहीं आकाश से नही टपकती | इसके लिए आलस्य एवं निंद्रा को त्यागकर निरंतर प्रयास करना होता है | साथ में कुशल मार्गदर्शन भी अत्यंत
आवश्यक है, क्योकि यदि आपके प्रयास गलत दिशा में किये जायेंगे तो संभव है आपको आपके परिश्रम का उचित प्रतिफल ना मिल पाए |

इस अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नही | जरूरत है इन प्रतिभाओं को उचित मार्ग दर्शन देकर निखारने की ताकि प्रशासनिक सेवाओं में सफलता के मानचित्र पर यह अंचल महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरे |

इसी दिशा में अंचल के अनुभवी एवं चयनित
प्रतिभागियों ने क्षेत्र के युवाओं को कुश्क मार्ग दर्शन देने के लिए विनम्र प्रयास किया है – “प्रयास” की स्थापना करके | जिसका शुभारम्भ आदरणीय स्वामी सतरूपानन्द जी (सचिव रामकृष्ण मिशन ,रायपुर ) के कर कमलो से संपन्न हुआ |

प्रयास की स्थापना एक आन्दोलन की तरह है, जो निम्नलिखित उद्द्येश्यो को लेकर प्रारंभ हुआ है :-

  • व्यवसायिकता से परे रहकर अंचल के प्रतिभागियों को कुशल मार्गदर्शन |
  • प्रतिभाओं का उन्मुखीकरण |
  • प्रशासनिक सेवाओं की तैयारियों के लिए आवश्यक प्रतियोगी वातावरण का निमार्ण |
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागियों के परीक्षा सामग्री सम्बन्धी भटकाव को समाप्त क्र समस्त आवश्यक लाभदायक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है |

उपरोक्त उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए संस्था सदेव प्रयासरत रहेगी | ” अंत मे सभी प्रतिभागियों को परीक्षा को तैयारी ऐवं सफलता हेतु हार्दिक शुभकामनाये ”

प्रो. – शेफाली तिवारी
प्रयास (PSC) स्टडी सिर्क्ले